हफ़्तों बाद भी उन्हें याद थी वह कहानी

By Kushal Pahuja

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हफ़्तों बाद भी उन्हें याद थी वह कहानी,
यह देखकर जाने क्यों होती है हैरानी?

“वह ना… उसमें एक बिल्ली थी, एक चूहा था, एक कुत्ता था और…”
“नहीं, उसमें कुत्ता नहीं था! उसमें था एक सूअर, एक गाय, एक मक्खी”
“और?”
“और एक मुर्गी!

“सात जानवर एक साथ क्या कर रहे थे?”

“एक छाते के नीचे बारिश से बचकर खड़े थे,”

“और बताओ, क्यों आने दिया उन्होंने एक दुसरे को?”

“उन्होंने सोचा क्यों किसी को बारिश में भीगने दें,
किसी को ज़ुकाम न हो जायेI”

बता दिया सब कुछ बिना किसी परेशानी,
हफ़्तों बाद भी उन्हें याद थी वह कहानीI

“वह लड़की चुप थी क्योंकि उसके आगे के दो दांत टूट गए थेI”
“फिर?”
“उसके दोस्त ने सोचा कि उसे हसाना चाहिएI”

“क्या किया उसके दोस्त ने?”
“एक मेंढ़क को उसकी तरफ उछाला और जब उसने पकड़ लिया तब वह हंस पड़ीI”

आज भी यह बातें लगती नहीं पुरानी,
हफ़्तों बाद भी उन्हें याद थी वह कहानीI

About the author: Kushal Pahuja joined Apni Shala as a programme fellow after finishing his Masters in Clinical Psychology from Pune University. When he is not in class building life skills with children, Kushal enjoys reading about psychology, and writing poetry.

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